📝 Corruption News
रिश्वत देने वाला और लेने वाला, दोनों व्यवस्था को कमजोर करते हैं

“थोड़े पैसे दे दो, काम जल्दी हो जाएगा”
भ्रष्टाचार की एक आम मानसिकता है:
“काम तो करवाना ही है, थोड़ा पैसा दे देते हैं।”
लेकिन यही सोच धीरे-धीरे रिश्वत को सामान्य बना देती है।
जब कोई नागरिक रिश्वत देता है, तो वह केवल एक अधिकारी या कर्मचारी को पैसा नहीं देता। वह एक ऐसी व्यवस्था को मजबूत करता है जिसमें बिना पैसे के सामान्य काम होना मुश्किल समझा जाने लगता है।
दूसरी तरफ, रिश्वत मांगना और लेना भी उतना ही गंभीर विषय है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब समाज में यह सोच मजबूत होगी कि:
“जो काम नियम के अनुसार मेरा अधिकार है, उसके लिए मैं अवैध पैसा क्यों दूं?”
Stop Corruption का उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि ऐसी सोच को बदलने की कोशिश करना है।
गलत व्यवस्था को सामान्य मत बनाइए।
