📢 Citizen Voice
जनता का पैसा, जनता का सवाल

सरकारी खर्च पर सवाल पूछना नागरिक का अधिकार है
सड़क, स्कूल, अस्पताल, पुल, पानी, बिजली और सरकारी योजनाओं पर खर्च होने वाला पैसा सार्वजनिक धन है।
जब किसी सार्वजनिक परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, तो नागरिक का यह जानना स्वाभाविक है कि:
पैसा कहां खर्च हुआ?
क्या काम समय पर पूरा हुआ?
क्या काम की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुसार है?
क्या परियोजना की लागत बढ़ी?
यदि बढ़ी तो क्यों?
इन सवालों का उद्देश्य हर सरकारी परियोजना पर संदेह करना नहीं है।
उद्देश्य है जवाबदेही और पारदर्शिता।
एक मजबूत लोकतंत्र में सवाल पूछना विरोध नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी है।
जनता का पैसा है। जनता को जवाब मिलना चाहिए।



